AI का असर: डॉक्टर्स और टीचर्स पर प्रोफेशनल सलाह को चुनौती देने में बढ़ी लोगों की आत्मविश्वास
What happened
- 64% लोग AI से जांच करने के बाद प्रोफेशनल सलाह को चुनौती देने में अधिक आत्मविश्वासी महसूस करते हैं।
- प्रोफेशनल सलाह पर सवाल उठाने की संभावना 45 सेकंड से कम हो गई है।
- Use.AI ने ‘expertise recession’ (विशेषज्ञता का पतन) नामक एक स्थिति की पहचान की है, जहाँ AI सभी जानकारी को समेटकर संदर्भ आधारित जवाब देता है।
- 70% 18 से 34 वर्ष के लोगों को AI चैटबॉट के जवाबों की जांच करने के बाद सलाह को चुनौती देने में अधिक सहज महसूस होता है, जबकि 45 वर्ष से अधिक आयु वालों में यह आंकड़ा 49% है।
Why it matters for me
AI ने विशेषज्ञों की सलाह को जांचने और सत्यापित करने को बहुत आसान बना दिया है। इससे यह पता चलता है कि प्रोफेशनल डिग्री अब अपने आप में सब कुछ नहीं बताती। AI के कारण, लोगों में आत्मविश्वास बढ़ा है कि वे किसी भी जानकारी को चुनौती दे सकते हैं, लेकिन यह आत्मविश्वास उनकी वास्तविक योग्यता (competence) से कितना मेल खाता है, यह एक बड़ा सवाल बन गया है।
What to remember
- AI ने ज्ञान का लोकतंत्रीकरण (democratized knowledge) करने की गति को आत्मविश्वास के लोकतंत्रीकरण से तेज कर दी है।
- Use.AI के अनुसार, AI का उपयोग करते हुए ‘आत्मविश्वास और क्षमता के बीच का अंतर’ (gap between confidence and competence) और भी महत्वपूर्ण होता जाएगा।
- 46% उत्तरदाताओं ने कहा कि AI के कारण प्रोफेशनल क्रेडेंशियल्स अब पहले की तरह प्रतिष्ठा नहीं रखते हैं।
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Source: www.techradar.com
